"AI से होने वाले साइबर अपराध."
"साइबर क्राइम क्या है."
"फिशिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचे."
"Deepfake और AI धोखाधड़ी"
सामान्य परिचय:- जैसा की आप सभी जानते है की हमारे देश में ही नहीं पूरी दुनिया में ही "AI" यानि "आर्टिफीसियल इंटलीजेंस" का कहर धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा है. "AI" ने हमारे जीवन को जितना आसान बनाया है वही दूसरी और उतना ही कठिन बनाया है! "AI" का उपयोग जितना अच्छा है वही इसका दुरूपयोग इससे भी बुरा है क्योंकि साइबर अपराधी अब "AI" का इस्तेमाल कर रहे है. जो की हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है, परन्तु यदि हमें "AI" के इस्तेमाल का सही ज्ञान और परख हो तो हम ऐसे साइबर स्कैमर्स पर लगाम लगा सकते है. इसलिए मेरे द्वारा आज आपके लिए एक ऐसा ब्लॉग लिखा गया है जो आपको "AI" से होने वाले अपराधों से बचाएगा. इस ब्लॉग में हम आगे पढ़ेंगे की:-
👉कैसे "AI" का दुरूपयोग करके साइबर अपराधी और स्कैमर्स लोगो से धोखाधड़ी, जालसाजी कर रहे है?
👉"AI" के मुख्य प्रकार क्या है? और इनसे कैसे बचे?
इसकि विस्तृत जानकारी पढ़े.
बिंदु क्र:-1 "AI" के द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड कैसे हो रहा है?
भारत में "AI" का दुरूपयोग कई प्रकार से किया जा रहा है जिनमे से आप को मुख्य प्रकार बता रहा हूँ:-
📌 "DEEPFAKE" (डीपफेक) तकनीक द्वारा धोखाधड़ी:- वर्तमान डिजिटल समय में डीपफेक तकनीकी "AI" का दुरूपयोग करके नकली वीडियो और ऑडिओ को जनरेट कर रही है जिससे स्कैमर्स डीपफेक तकनीक से "AI" के माद्यम से किसी भी व्यक्ति की हूबहू वीडियो बनाकर उस व्यक्ति की आवाज को सम्मिलित कर रहे है. स्कैमर्स कुछ ऐसे तरीको का उपयोग कर है जो की निम्न प्रकार के है:-
राजनैतिक पार्टियों में:- बहुत सी ऐसे पार्टियां है जो नेताओ की नकली वीडियो इस तकनीक के द्वारा बना कर जनता को गुमराह करते है.
बैंकिंग फ्रॉड में:- कई ऐसे मामले हो चुके है जिनमे बैंक अधिकारीयों की फ़र्ज़ी आवाज और चेहरा बना कर लोगो से पैसा निकलवाते है.
सोशल मीडिया में :- कई लोग ऐसे है जो इन दोनों तकनीक की मदद से नकली वीडियो बना कर लोगो से पैसे मांगते है.
कुछ उदाहरण है:- जैसे
अभी कुछ समय पहले अमेरिका में एक मामला सामने आया जिसमे एक बिजनेस मेन की "AI" के द्वारा बनाई गई आवाज का दुरूपयोग कर 2 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की गई.
📌 "AI" के द्वारा फिशिंग(FHISHING) करना:- वर्तमान समय में स्कैमर्स ऑनलाइन फ्रॉड करने के लिए "AI" का स्तेमाल का रहे है जो की कुछ न कुछ बहाने बना कर लोगो से पैसे हड़प करते है जिनके कुछ उदाहरण इस प्रकार है:-
नकली ईमेल(Fake e-mails) -- आपको किसी लोकप्रिय कम्पनी या सरकारी बैंक अथवा सरकारी एजेंसी के द्वारा ईमेल आये. और उस ईमेल में किसी लिंक को ओपन करने को कहा जाये और इसके बाद आपसे अपनी निजी जानकारी भरने को कहा जाये. तो सावधान रहे यह एक "AI" द्वारा जेनरेट स्कैमर्स है जो आपके बैंक अकॉउंट को खाली कर सकता है.
फर्जी बेबसाइट(FAKE वेबसाइट):- सामान्यत: ऐसी बेबसाइट दिखने में बिलकुल असली होती है लेकिन यह एक "AI" द्वारा जेनरेट बेबसाइट होती है जिसका दुरूपयोग फिशिंग स्कैमर्स करते है जो आपको वेबसाइट के माद्यम से आपसे अपनी निजी जानकारी लेकर उसका दुरूपयोग कर धोखाधड़ी करते है तो सावधान रहे.
फेक कॉल और मेसेज के द्वारा:- कई बार हमारे पास ऐसे कॉल और मेसेज आ जाते है जो हमें किसी प्रकार का जैसे लॉटरी , इनाम या बैंक लोन आदि का प्रलोभन दे कर हमारी जानकारी एकत्र करते है तो सावधान रहे ऐसे लोग फिशिंग स्कैमर्स होते है.
सोशल मीडिया द्वारा फिशिंग करना:- सोशल मीडिया पर नकली प्रोफाइल बना कर अश्लील वीडियो कॉल करके या न्यूड फोटो बनाकर लोगो को फसाया जाता है और उनसे पैसे मांगे जाते है यह एक प्रकार के फिशिंग का मामला होता है जिसमे स्कैमर्स सोशल मीडिया के माद्यम से नकली प्रोफाइल बना कर लोगो से दोस्ती करने की कोशिश करते है फिर उसका दुरूपयोग करके उनके साथ धोखाधड़ी करते है.
(Automated scam bots) ऑटोमेटेड स्कैम बॉट्स का उपयोग:- "AI" का यह एक ऐसा टूल है जिसका उपयोग करके साइबर स्कैमर्स लोगो को अनेक प्रकार से ठगते है , यह स्कैमर्स सोशल मीडिया और "AI" द्वारा निर्मित चेटबोट्स का उपयोग करके फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम का लालच देकर लोगो से पैसे ठगते है.और नकली जॉब ऑफर्स का प्रलोभन देते है. और जॉब लगवाने के नाम पर पैसे मांगते है...ऐसे स्कैमर्स से बचे.
बिंदु क्र.-2 "AI" निर्मित फ्रॉड से बचने के उपाय
क्या करे:-
➡"AI" द्वारा निर्मित डीपफेक और ऑडियो को जांचे.
नकली फोटो की जाँच करने के लिए आप ➡Google के Reverse image Search के द्वारा आप नकली फोटो की जाँच कर सकते है.
➡डीपफेक डिटेक्शन टूल्स उपयोग करे उसके लिए आप इस साइट का अवलोकन करे www.Sensity.ai का उपयोग करे.
➡बैंकिंग और सोशल मीडिया के लिए "2FA" यानि )two factor authentication) का उपयोग अनिवार्य रूप से करे.
➡Gmail और Outlook Mail में फिशिंग ईमेल को डिटेक्ट करने के लिए "AI" द्वारा निर्मित टूल का उपयोग करे.
➡किसी भी प्रकार के वित्तीय संव्यवहार करने से पहले उसकी जाँच करे इसके बाद ही आप ऑनलाइन पेमेंट करे.
क्या न करे?
☑किसी भी संदिग्ध ईमेल या sms पर आये लिंक पर क्लिक न करे.
☑किसी बैंक या सरकारी संस्था की वेबसाइट को आप स्वयं ही टाइप करे कभी भी गूगल द्वारा डायरेक्ट सर्च न करवाये.
☑किसी को OTP या पॉसवर्ड न दे. ☑वेबसाइट के UrL को चेक करे
हमेशा असली वेबसाइट मे link के आगे "Https:/" लिखा होता है इसके साथ आप उस दिए लिंक में स्पेलिंग भी चेक कर सकते है नगली वेबसाइट में हमेशा स्पेलिंग गलत होती है.
☑संदिग्ध लिंक को आप इस वेबसाइट checkphish या Virus Total पर लिंक को पेस्ट करके चेक कर सकते है.
क्या उपाय करे.
यदि आप के साथ जालसाजी या धोखाधड़ी हो जाती है तो आप इसकी शिकायत पुलिस में कर सकते है. हमारे भारतीय कानून में ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए कानून बनाये गए है इन कानूनों में जुर्माने के साथ साथ सजा का भी प्रावधान किया गया है. और यदि आपको ऐसे किसी मामले में परामर्श लेना हो तो आप अपने एडवोकेट मित्र से संपर्क कर सकते है...धन्यवाद् एडवोकेट सोनू मेवाडे मो. 9575406069.